वाराणसी को मौत का शहर क्यों कहा जाता है?

Varanasi: वाराणसी भारत का काफी प्रचलित धार्मिक शहर है। यहां पर 12 ज्योतिलिंग में से एक काशी विश्वनाथ विराजमान है इसलिए वाराणसी को भगवान शिव की नगरी भी कहाँ जाता है।

वाराणसी को मौत का शहर क्यों कहा जाता है

लेकिन वाराणसी शहर को ही मौत का शहर कहाँ जाता है। काफी लोग इस बारे में जानते भी है, वही काफी लोग वाराणसी को मौत का शहर क्यो कहाँ जाता है इस बात से अंजान है। आज हम आपको अपने इस लेख में इस बारे में थोड़ा विस्तार से जानेंगे। तो आइए जानते है-

वाराणसी शहर मोक्ष और धार्मिक तीर्थ स्थल के बारे में जाना जाता है। इसका जिक्र पुराणों से लेकर वेदों में मिलता है। महाकाव्य और रामायण में भी वाराणसी शहर का जिक्र किया गया है।

व्यक्ति के मरने पर हर जगह दुःख मनाया जाता है लेकिन ऐसा कहां जाता है कि जिसकी मृत्यु वाराणसी में होती है वह परमसुख के लिए प्राप्त होता हैं।

ऐसा माना जाता है कि वाराणसी में मुमक्षु भवन एक ऐसी जगह है जहां लगभग 80 से 100 लोग रहकर अपनी मृत्यु का इंतजार करते है।

ऐसा भी माना जाता है कि वाराणसी में जिसकी मृत्यु होती है या जिसकी अंतिम क्रिया यहां पर होती है वह जन्म मरण के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होता है। इसलिए वाराणसी को मौत शहर कहाँ जाता है।

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