बकरीद के त्योहार को कुर्बानी के नाम से क्यों जाना जाता है?
|Muslim Festival Bakra Eid: इस्लाम धर्म का काफी लोकप्रिय त्योंहार ईद उल-फितर जिसे मुख्य रूप से बकरा ईद के नाम जाना जाता है। इस्लाम धर्म के मानने वाले लोग ईद दिन को काफी उत्साह के साथ मनाते है।
बकरा ईद को कुर्बानी के नाम से भी जाना जाता है। लेकिन ज्यादा तर लोग यह नही जानते है कि बकरीद के त्योहार को कुर्बानी के नाम से क्यों जाना जाता है? इसलिए आज हम इस विषय पर चर्चा करने जा रहे हैं तो आइए जानते है-
बकरीद के त्योहार को कुर्बानी के नाम से क्यों जाना जाता है?
बकरा ईद इस्लाम धर्म के मानने वाले लोगों का प्रमुख त्योंहार है। इस्लाम धर्म की मान्यता के अनुसार इस पर्व को हजरत इब्राहिम की याद में मनाया जाता है। इस्लाम धर्म मे इस पर्व को मनाने की बजह भी बताई गई है।
ऐसा माना जाता है, की एक बार हजरत इब्राहिम ने अल्लाह पर विस्वाश जताने के लिए अपने बेटे हजरत इस्माल की बलि देने के लिए तलवार उठायी थी और जैसे ही हजरत इब्राहिम ने बेटे की बलि चढ़ाने के लिए तलवार चलाने को तैयार हुए बैसे ही अल्लाह ने एक बेटे की जगह बकरी का सिर रख दिया।
जिसके बाद बेटे की जगह बकरे का सर कट गया। तब से हर साल बकरा ईद का त्योंहार इस्लाम धर्म के लोग मनाने लगें। क्योंकि यह कुर्बानी का त्योंहार है। इसलिए इस पर्व को कुर्बानी के नाम से जाना जाता है।
बकरीद का त्योंहार क्या संदेश देता है?
- बकरीद कुर्बानी का त्यौहार होता है जो कि यह संदेश देता है कि व्यक्ति अपने पुरानी और गलत आदतों को छोड़कर अल्लाह के प्रति पवित्रता की भावना रखे और अच्छे कर्म करें।
- बकरीद भाई चारे के प्रतीक है, क्योंकि यह त्योंहार इस्लाम धर्म के लोग एक साथ मिलकर जुलकर मनाते है और एक दूसरे के गले लगकर गिले शिकवे दूर करते है।
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आज हमने आपको बकरीद के त्योहार को कुर्बानी के नाम से क्यों जाना जाता है? के बारे में बताया है. आशा करते है दी गयी जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण रही होगी।