गीता का कौनसा अध्याय रोज पढ़ना चाहिए?

Bhagavad Gita: श्रीमद्भागवतगीता ज्ञान को बढ़ाने और जीवन जीने की सही राह दिखाने के लिए सबसे अच्छी किताब मानी है, लेकिन कई बार लोगों कको दुविधा रहती है की आखिर गीता का कौनसा अध्याय रोज पढ़ना चाहिए? इसलिए आज हम इस लेख के बारे में थोड़ा विस्तारसे जानेंगे।  तो आइये जानते है-

हिन्दू धर्म में श्रीमद्भागवतगीता सबसे बड़ा और सबसे पवित्र ग्रन्थ मना जाता है, भगवान को अपना जीवन समर्पण करने और भगवान से जुड़ने के लिए हर व्यक्ति को गीता का अध्ययन करना चाहिए।

Which chapter of Geeta should be read daily

भगवन श्री कृष्ण ने भी महाभारत युद्ध के समय अर्जुन को जो उपदेश दिए थे वः गीता से ही दिए थे. गीता में भगवान श्री कृष ने अर्जुन को कर्म करने के ज्ञान से अवगत कराया था.

श्रीमद्भागवतगीता में जो उपदेश दिए गए उन्हें ही जीवन का असली सूत्र माना जाता है, ऐसा माना जाता है की कोई व्यक्ति श्रीमद्भागवतगीता के उपदेशो पढ़कर अपना जीवन सरल बना सकता है.

Which chapter of Geeta should be read daily

बता दे की गीता में 18 18 अध्याय और 700 श्लोक है मौजूद है. गेता का हर अध्याय काफी महत्वपूर्ण है एक – एक उपदेश, श्लोक मानव के जीवन को बदल सकते है, लेकिन ज्यादातर लोग आखिर अध्याय यानी की अंतिम अध्याय 18 को पड़ना काफी शुभ माना जाता है.

अंतिम अध्याय में पिछले सभी अध्याय का सारांश दिया गया है, ऐसे में आप पिछले सभी अध्याय का ज्ञान को आप आखिर अध्याय में जान सकते है. श्रीमद्भागवतगीता अंतिम अध्याय में भगवान ने जीवन के व्यवाहारिक मार्ग का उपदेश दिया है, इस अध्याय में भगवान कहते है की जो प्रत्येक प्राणी के हृदय में विराजमान है, उसमे विस्वास रखे और उसका अनुभव करें।

Which chapter of Geeta should be read daily

श्रीमद्भागवतगीता सबसे पवित्र ग्रन्थ है इसका हर अध्याय काफी मह्त्वपूर्ण है. यह ग्रन्थ जीवन जीने की सही दिशा और भगवान से जुड़ने का यह सबसे अच्छा रास्ता बताती है.

 

ये भी जानिए –

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *